रामपुर, उत्तर प्रदेश — शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र में अचानक 180 दुकानों पर लाल निशान लगाए जाने से व्यापारी वर्ग में खलबली मच गई। इससे चिंतित व्यापारियों ने रविवार को शहर विधायक आकाश सक्सेना से मुलाकात कर अपनी समस्या से अवगत कराया। विधायक ने तत्परता दिखाते हुए जिलाधिकारी से बात की और व्यापारी हितों की बात रखते हुए समाधान का भरोसा दिलाया।
बीते दिनों नगर पालिका द्वारा सिविल लाइंस स्टेशन रोड पर स्थित दुकानों को अतिक्रमण अभियान के तहत चिन्हित किया गया था। दुकानदारों को डर था कि इन लाल निशानों के बाद उनकी दुकानें गिरा दी जाएंगी, जिससे उनके जीवनयापन का एकमात्र सहारा छिन जाएगा।
🧑🔧 दुकानदार बोले: “हमारा रोजगार, हमारा भविष्य”
व्यापारियों का कहना है कि वह वर्षों से इन्हीं दुकानों से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। कई दुकानदारों ने बताया कि दुकान हट जाने से उनके पास न तो दूसरी जगह है, न ही आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत कि नया कारोबार शुरू कर सकें। “अगर दुकान चली गई, तो हमारे बच्चे पढ़ाई छोड़ देंगे,” एक दुकानदार की आंखों में आंसू छलक आए।
📞 विधायक ने की डीएम से बात, मिला आश्वासन
शिकायत सुनने के बाद विधायक आकाश सक्सेना ने मौके पर ही जिलाधिकारी जोगिंदर सिंह से फोन पर वार्ता की। डीएम ने स्पष्ट किया कि किसी का रोजगार छीना नहीं जाएगा। “यह कार्रवाई सौंदर्यीकरण की दृष्टि से की जा रही है। हम चाहते हैं कि सिविल लाइंस मार्केट लखनऊ की हजरतगंज मार्केट की तरह आधुनिक और व्यवस्थित हो,” उन्होंने कहा।
🛣️ फुटपाथ पर कब्जा बना समस्या, व्यापारी देंगे सहयोग
प्रशासन की ओर से बताया गया कि सबसे बड़ी समस्या फुटपाथ पर हुए अतिक्रमण को लेकर है। राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। सुरक्षा और सौंदर्यीकरण दोनों की दृष्टि से फुटपाथ को खाली कराया जाना ज़रूरी है।
इस पर विधायक ने व्यापारियों को समझाया कि यदि वे प्रशासन का सहयोग करते हैं तो इसका लाभ भी उन्हीं को मिलेगा। “अगर आपकी दुकान सामने से दिखेगी, जगह खुली होगी, तो ग्राहक भी अधिक आएंगे। थोड़ी असुविधा के बाद बड़ा लाभ होगा।”
🤝 व्यापारियों ने जताया भरोसा, नहीं होगा कोई जबरन विस्थापन
व्यापारियों ने आश्वस्त किया कि वे प्रशासन के साथ सहयोग करेंगे, बशर्ते उनका व्यवसाय प्रभावित न हो। बैठक सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में समाप्त हुई। व्यापारियों ने संतोष जताया और सौंदर्यीकरण अभियान में मदद का भरोसा दिया।
👥 समाजसेवियों की भी रही मौजूदगी
इस अवसर पर शहर के कई प्रमुख दुकानदारों और समाजसेवियों की उपस्थिति रही। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि रामपुर की छवि बेहतर बनाना जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही व्यापारी वर्ग का हित भी सुरक्षित रहना चाहिए।

