देहरादून/नैनीताल।
उत्तराखंड में मानसून की दस्तक ने एक बार फिर से भय और संकट की स्थिति पैदा कर दी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के आठ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही भूस्खलन, सड़कें बंद होने और बाढ़ जैसी आपात स्थितियों की संभावना भी जताई गई है।
🛑 कौन-कौन से जिले हैं अलर्ट पर?
मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंसेज और मौसम विभाग की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी, देहरादून, नैनीताल, चंपावत, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गुरुवार सुबह 5 बजे तक भारी बारिश के चलते बाढ़ की संभावना जताई गई है।
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने इन जिलों में संबंधित प्रशासन को सतर्क रहने, कंट्रोल रूम सक्रिय रखने और चारधाम यात्रा रूट पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
भूस्खलन से बंद हुए कई मार्ग, बद्रीनाथ हाईवे भी बाधित
लगातार बारिश के चलते राज्य के 33 से अधिक सड़क मार्ग बंद हो गए हैं:
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ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग जोशीमठ से आगे पिनौला घाट पर मलबा आने से बाधित है।
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24 ग्रामीण सड़कें (PMGSY) और 6 मुख्य सड़कें (PWD) भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण बंद पड़ी हैं।
चारधाम यात्रा पर असर
चारधाम यात्रा पर निकले यात्रियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने केदारनाथ, बद्रीनाथ और यमुनोत्री मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। तेज़ हवाओं और बौछारों के बीच यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है।
कैसा रहेगा आगे का मौसम?
मौसम विज्ञानी रोहित थपलियाल के अनुसार,
“राज्य में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। बागेश्वर, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में सबसे अधिक खतरा है। देहरादून, टिहरी, चमोली और चंपावत में भी गरज चमक के साथ भारी वर्षा हो सकती है।”
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बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और नैनीताल: ऑरेंज अलर्ट
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देहरादून, चंपावत, पिथौरागढ़, टिहरी: येलो अलर्ट
जनता से अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन ने आम जनता से अपील की है कि:
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अनावश्यक रूप से नदी-नालों के पास न जाएं।
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यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें।
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आपात स्थिति में 1070 (आपदा कंट्रोल रूम) पर संपर्क करें।
