देहरादून/नैनीताल/केदारनाथ, मंगलवार:
उत्तराखंड में मानसून ने पूरी तरह से दस्तक दे दी है और इसके साथ ही बारिश का रौद्र रूप सामने आने लगा है। पहाड़ से लेकर मैदान तक लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। घरों में पानी भर गया है, सड़कों पर मलबा फैला है, यात्राएं थम गई हैं और लोगों में डर का माहौल है।
🌧️ मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और देहरादून जिलों में आज के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। विभाग का कहना है कि इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। साथ ही, आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने का अनुमान है।
🏙️ देहरादून में बादलों की आंख-मिचौली के बाद भारी बारिश
राजधानी देहरादून में सोमवार को दिनभर बादल मंडराते रहे। रात करीब 9 बजे से तेज बारिश का सिलसिला शुरू हुआ जो सुबह तक जारी रहा। शहर भर में जलभराव हो गया, कई निचले इलाकों में पानी घरों के अंदर तक घुस गया। नदी-नालों का जलस्तर भी खतरनाक स्तर तक पहुंच गया, जिससे किनारे बसे परिवारों में दहशत फैल गई।
🛑 केदारनाथ यात्रा फिर बाधित, मलबे ने रोका रास्ता
केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सोमवार को केदार घाटी में भारी बारिश के कारण सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच मुनकटिया के पास मलबा और पत्थर गिरने से हाईवे बंद हो गया। यह रास्ता करीब 5 घंटे तक बाधित रहा, जिससे यात्रियों को रोका गया। भारी मशक्कत के बाद मार्ग से मलबा हटाया गया और तीर्थयात्रियों को आगे भेजा गया।
🌄 बदरीनाथ हाईवे और पिथौरागढ़ में भी मुसीबत
बदरीनाथ हाईवे भी सिरोंबगड़ में भूस्खलन की वजह से तीन घंटे तक बंद रहा। वहीं, पिथौरागढ़ जिले में बिना बारिश के ही चट्टानें दरकने लगी हैं। सोमवार को बांसवाड़ा और जिप्ति मोटरमार्ग पर एक बड़ी चट्टान गिर गई जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। दर्जनों वाहन फंस गए हैं, और लिलम के पास पैदल मार्ग ध्वस्त होने से तीन गांवों का संपर्क टूट गया है।
