भारी बारिश से बेहाल उत्तराखंड, लेकिन रोमांच के नाम पर जान से खिलवाड़
उत्तराखंड इन दिनों भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। पहाड़ों पर भूस्खलन, जलभराव, और नदियों का रौद्र रूप जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर चुका है।
राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार अलर्ट पर हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ युवकों ने लापरवाही की हदें पार कर दीं।
🚙 नशे में धुत युवकों ने उफनती सॉन्ग नदी में उतारी थार – बाल-बाल बची जान
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देहरादून के मालदेवता क्षेत्र में कुछ युवकों ने शराब के नशे में एक महंगी थार SUV को सॉन्ग नदी में उतार दिया।
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घटना के वक्त क्षेत्र में तेज़ बारिश और नदी में उफान जारी था।
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गाड़ी तेज बहाव में फंस गई और धीरे-धीरे पानी में डूबने लगी।
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गनीमत रही कि युवक समय रहते वाहन से बाहर निकल गए, वरना यह मामला मौत की दर्दनाक तस्वीर में बदल सकता था।
📹 वीडियो में कैद हुई मूर्खता – प्रशासन की चेतावनियों की उड़ाई धज्जियाँ
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है:
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युवक नशे की हालत में हैं
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न तो उन्हें प्रशासन की चेतावनियों की परवाह है
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और न ही जीवन-मरण के खतरे का कोई आभास
यह सिर्फ स्टंट नहीं, एक गंभीर आपराधिक लापरवाही है।
⚠️ प्रशासन और समाज के लिए चेतावनी – “बेवकूफी का वायरल चलन”
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प्रशासन लगातार नदियों, पुलों, जलधाराओं के पास न जाने की चेतावनी दे रहा है
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रेस्क्यू टीमें पहले से दबाव में हैं, ऐसे मामलों में उन्हें अनावश्यक जोखिम उठाना पड़ता है
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यह महज व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था के खिलाफ खतरनाक चुनौती है
🛑 ये सिर्फ गलती नहीं, आपराधिक कृत्य है – FIR और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए
नशे में ड्राइविंग
प्राकृतिक आपदा क्षेत्र में जानबूझकर खतरा मोल लेना
प्रशासनिक चेतावनियों की अनदेखी करना
और अन्य लोगों को प्रेरित करने वाला वीडियो बनाना
इन सभी पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की आवश्यकता है – सिर्फ चालान या चेतावनी नहीं, बल्कि FIR, गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई जरूरी है।
📢 EWS विशेष अपील:
“रोमांच के नाम पर मौत को बुलावा देना शौर्य नहीं, मूर्खता है।
प्रशासन को चाहिए कि ऐसे मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ लागू करे,
ताकि आने वाले समय में कोई और युवक ‘वायरल वीडियो’ की कीमत अपनी जान से न चुकाए।”
