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देहरादून/नैनीताल, 15 जुलाई:
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में एक बार फिर से बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, सोमवार को राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से लेकर तेज बारिश के आसार हैं। खासकर पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस बीच राज्यभर में बारिश के कारण मलबा आने से 60 से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

मौसम विभाग की चेतावनी:

भारतीय मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में आज गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और उत्तरकाशी जैसे जिलों में तेज बौछारें गिरने की संभावना है, जो कुछ इलाकों में जलभराव और भू-स्खलन का कारण बन सकती हैं।

देहरादून में अधिकतम तापमान 32°C तक पहुंचने की संभावना है, लेकिन बारिश के चलते उमस और भाप भरी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी तापमान 21°C से 33°C के बीच रहने की उम्मीद है।

मानसून का असर:

इस साल मानसून ने समय से पहले उत्तराखंड में दस्तक दी और जुलाई में यह पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। विभाग का अनुमान है कि जुलाई में करीब 15 से 22 दिन तक बारिश होती रहेगी। इससे राज्य की नदियों में जलस्तर बढ़ा है और कई क्षेत्रों में खतरे की घंटी बज चुकी है।

बीते सप्ताह देवप्रयाग में भूस्खलन की घटना और मलबा गिरने से ट्रैफिक अवरुद्ध हो गया था। फिलहाल कई जगहों पर मलबा हटाने का काम जारी है, लेकिन दुर्गम क्षेत्रों में राहत पहुंचाना अब भी चुनौती बना हुआ है।

61 सड़कें बंद, राहत कार्य जारी:

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, प्रदेश की 61 सड़कें बारिश और भूस्खलन के कारण बंद पड़ी हैं। देहरादून जिले में हबर्टपुर-विकासनगर-लखवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 11 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। इसके अलावा:

  • उत्तरकाशी में 7 सड़कें

  • टिहरी में 5

  • रुद्रप्रयाग में 7

  • पिथौरागढ़ में 9

  • पौड़ी में 7

  • नैनीताल में 3

  • चमोली में 8

  • बागेश्वर में 2

  • अल्मोड़ा में 1 सड़क फिलहाल बंद है।

प्रशासन का दावा है कि मशीनरी मौके पर है और युद्धस्तर पर सड़कें खोलने का प्रयास जारी है।

सावधानी ज़रूरी:

राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिना ज़रूरत पर्वतीय यात्रा से बचें। नदी किनारे, जलधाराओं के पास या भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।