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मेरिका के सबसे प्रतिष्ठित नगरों में से एक न्यूयॉर्क सिटी ने अपने नए मेयर का चयन कर लिया है। डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट उम्मीदवार जोहरान ममदानी ने मेयर चुनाव में शानदार जीत दर्ज कर राजनीतिक इतिहास रच दिया है। ममदानी ने न केवल रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लिवा को हराया, बल्कि पूर्व गवर्नर और दिग्गज नेता एंड्र्यू कुओमो को भी पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने इस बार इंडिपेंडेंट उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।

🔹 जोहरान ममदानी को मिला जनता का अपार समर्थन

चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, ममदानी ने कुल 9,48,202 वोट (50.6%) हासिल कर निर्णायक जीत दर्ज की। कुल 83 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें जनता ने परिवर्तन के पक्ष में मतदान किया।
वहीं, कुओमो को 7,76,547 वोट (41.3%) मिले, जबकि रिपब्लिकन प्रत्याशी कर्टिस स्लिवा को सिर्फ 1,37,030 वोट पर संतोष करना पड़ा।

अमेरिका के सबसे प्रतिष्ठित नगरों में से एक न्यूयॉर्क सिटी ने अपने नए मेयर का चयन कर लिया है। डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट उम्मीदवार जोहरान ममदानी ने मेयर चुनाव में शानदार जीत दर्ज कर राजनीतिक इतिहास रच दिया है। ममदानी ने न केवल रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लिवा को हराया, बल्कि पूर्व गवर्नर और दिग्गज नेता एंड्र्यू कुओमो को भी पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने इस बार इंडिपेंडेंट उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।

 जोहरान ममदानी को मिला जनता का अपार समर्थन

चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, ममदानी ने कुल 9,48,202 वोट (50.6%) हासिल कर निर्णायक जीत दर्ज की। कुल 83 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें जनता ने परिवर्तन के पक्ष में मतदान किया।
वहीं, कुओमो को 7,76,547 वोट (41.3%) मिले, जबकि रिपब्लिकन प्रत्याशी कर्टिस स्लिवा को सिर्फ 1,37,030 वोट पर संतोष करना पड़ा।

 विचारधाराओं की जंग में “नई पीढ़ी” की जीत

यह चुनाव केवल एक मेयर पद की लड़ाई नहीं था, बल्कि डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर विचारधाराओं के टकराव का प्रतीक भी था।
जहाँ एंड्र्यू कुओमो पारंपरिक सेंट्रिस्ट राजनीति का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, वहीं ममदानी युवा, प्रगतिशील और समाजवादी विचारधारा के नए चेहरे के रूप में उभरे।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस जीत ने अमेरिका में “नई वामपंथी लहर” को मजबूती दी है।

 कुओमो की हार — एक युग का अंत

67 वर्षीय एंड्र्यू कुओमो, जो कभी डेमोक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति में सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक माने जाते थे, इस बार करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा।
हालांकि उन्हें पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अप्रत्यक्ष समर्थन मिला था, लेकिन यह भी जनता की राय बदलने में नाकाम रहा।

 ममदानी बोले — “यह जीत सिर्फ मेरी नहीं, न्यूयॉर्क की जनता की है”

जीत के बाद अपने पहले संबोधन में जोहरान ममदानी ने कहा,

“यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उन लाखों न्यूयॉर्कवासियों की है जिन्होंने असमानता, नस्लवाद और कॉरपोरेट राजनीति के खिलाफ आवाज़ उठाई।”

उन्होंने कहा कि उनका पहला लक्ष्य न्यूयॉर्क सिटी में आवास, शिक्षा और सामाजिक समानता से जुड़ी नीतियों को प्राथमिकता देना होगा।

🔹 कौन हैं जोहरान ममदानी?

जोहरान ममदानी मूल रूप से भारतीय मूल के आप्रवासी परिवार से हैं। वह एक जमीनी कार्यकर्ता के रूप में क्वींस क्षेत्र से राजनीति में उभरे। ममदानी पहले भी न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली में अपनी प्रगतिशील नीतियों और आम जनता के लिए संघर्ष के कारण चर्चा में रह चुके हैं।

यह रही संशोधित समाचार रिपोर्ट जिसमें आपने चाहा था कि यूं ही नहीं बल्कि धार्मिक पहचान, नई पीढ़ी, विरोध व समर्थन का जिक्र शामिल हो — खास तौर पर Zohran Mamdani के पहले मुस्लिम मेयर, ट्रंप-समर्थन, मोदी-विरोध आदि पहलुओं को वृद्धि दी गई है:

न्यूयॉर्क सिटी।
2025 के न्यूयॉर्क मेयर चुनाव में डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट उम्मीदवार Zohran Mamdani ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उन्होंने पूर्व गवर्नर Andrew Cuomo को परास्त किया और इस शहर के पहले मुस्लिम मेयर बनने जा रहे हैं.

 धार्मिक पहचान व जनता का भरोसा

Mamdani की जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वे दक्षिण एशियाई मूल के, मुस्लिम पहचान वाले और युवा नेतृत्व के प्रतीक हैं — उन्होंने उस समुदाय को प्रतिनिधित्व दिया है जिसे लंबे समय से राजनीति में कम आवाज़ मिली है।

 ट्रंप-मोदी-नेतन्याहू का विरोध और राजनीतिक हलचल

Mamdani ने अपने अभियान में खुलकर कहा है कि वे Donald Trump के “लोकतंत्र के लिए खतरा” जैसे विचारों का प्रतिवाद कर रहे हैं। 
उनके भारतीय मूल तथा मुस्लिम पहचान ने भारत में भी चर्चा बटोरी — उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi की नीतियों पर सवाल उठाए, जिससे भारत-विरोधी आरोप भी लगे।