रुद्रप्रयाग/देहरादून।
केदारनाथ धाम से लौट रहा एक हेलीकॉप्टर रविवार सुबह करीब 5:20 बजे गौरीकुंड के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें एक 23 महीने की मासूम बच्ची भी शामिल है। हादसा इतना भीषण था कि हेलीकॉप्टर पूरी तरह चकनाचूर हो गया। मौके से शवों को कड़ी मशक्कत के बाद निकाला जा सका।
दुर्घटना की खबर आते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। केदारनाथ यात्रा पर निकले कई श्रद्धालु और उनके परिजन सकते में आ गए। उत्तराखंड सरकार और प्रशासन की भूमिका पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
भाजपा नेता का बयान बना विवाद का केंद्र
इस दुर्घटना के कुछ घंटे बाद ही भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम का एक बयान वायरल हो गया जिसमें वे पत्रकार के सवाल पर भड़कते नज़र आए। जब पत्रकार ने बार-बार हो रही दुर्घटनाओं पर सरकार की ज़िम्मेदारी और कार्रवाई पूछी, तो दुष्यंत ने कटाक्ष करते हुए कहा:
“आप योजना बना लीजिए, हेलीकॉप्टर चला लीजिए, जिसमें कोई न मरे। आप बहुत बड़े महापुरुष हैं, गारंटी दीजिए कोई हादसा नहीं होगा!”
सोशल मीडिया पर इस बयान की आलोचना हो रही है। लोगों ने इसे “असंवेदनशील” और “जनविरोधी” करार दिया है।
क्या यात्रियों की जान से खिलवाड़ हो रहा है?
हादसे के पीछे खराब मौसम को संभावित कारण बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एविएशन कंपनियां खराब मौसम के बावजूद उड़ान भरती हैं ताकि यात्रियों की संख्या पूरी हो और अधिक मुनाफा कमाया जा सके।
हेलीकॉप्टर सेवाएं दे रही कंपनियां यात्रियों की सुरक्षा से अधिक लाभ को प्राथमिकता देती दिख रही हैं। ऐसा कहना है उत्तराखंड में कार्यरत कई सामाजिक कार्यकर्ताओं का।
केदारघाटी: हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं का ट्रैक रिकॉर्ड खतरनाक
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18 अक्टूबर 2022: गरुड़ चट्टी में हेलीकॉप्टर क्रैश, 7 की मौत
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8 मई 2024: उत्तरकाशी में हेलीकॉप्टर क्रैश, 5 की मौत
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7 जून 2025: तकनीकी खराबी से इमरजेंसी लैंडिंग
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24 मई 2024: मंदाकिनी किनारे हेलीकॉप्टर लहरा गया, बाल-बाल बचे यात्री
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23 अप्रैल 2023: टेल रोटर से कटकर UCADA अधिकारी की मौत
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2019 से अब तक: दर्जनों इमरजेंसी लैंडिंग और तकनीकी फेल्योर की घटनाएं
