Spread the love

उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगता। मूल रूप से हैदराबाद की रहने वाली कनाडा की इंजीनियरिंग छात्रा कीर्थना तोडेती ने अपने प्रेमी गिरिजा शंकर से मालधन गांव के मंदिर में विवाह कर लिया, जबकि उसकी तलाश में माता-पिता हैदराबाद पुलिस के साथ रामनगर आ पहुंचे।

📱 सोशल मीडिया से शुरू हुआ सिलसिला…

इस रिश्ते की शुरुआत इंस्टाग्राम से हुई। कुछ ही महीनों में बातचीत दोस्ती में और फिर प्रेम में बदल गई। कीर्थना कनाडा में इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष की छात्रा थी और कुछ दिनों के लिए हैदराबाद आई थी। 11 जुलाई को वह “घूमने जा रही हूं” कहकर निकली और फिर सीधे रामनगर, उत्तराखंड पहुंच गई।

🧳 हाई-प्रोफाइल फैमिली, लेकिन मोहब्बत भारी

कीर्थना की मां परमेश्वरी कनाडा में प्रोफेसर और पिता श्रीशैलेम इंजीनियर हैं। परिवार उसकी उच्च शिक्षा और उज्जवल भविष्य के सपने देख रहा था, लेकिन कीर्थना ने सारी योजनाओं को धता बताते हुए इंस्टाग्राम पर मिले युवक से शादी रचा ली।

🚓 परिजन पहुंचे पुलिस के साथ, लेकिन बेटी ने सुनना नहीं चाहा

मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर परिवार वाले और हैदराबाद पुलिस मालधन गांव पहुंचे, जहां युवती पहले ही गिरिजा शंकर के घर पर मौजूद थी। वहां दोनों पक्षों में जमकर कहासुनी हुई, मामला कोतवाली तक पहुंचा। लेकिन छात्रा बालिग थी और अपनी मर्जी से युवक के साथ रहना चाहती थी, इसलिए पुलिस ने किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की।

🧠 काउंसलिंग भी न काम आई

रामनगर पुलिस ने छात्रा की काउंसलिंग की, उसे समझाने की पूरी कोशिश की गई कि वह अपना भविष्य नष्ट कर रही है, लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही। एसएसआई नयाल ने बताया कि छात्रा बालिग है और उसने स्वयं युवक के साथ रहने की इच्छा जताई।

🧵 सोशल मीडिया की मोहब्बत: परिवार के सपनों की कीमत?

यह मामला आज के युवाओं में बढ़ती सोशल मीडिया पर आधारित ‘इंस्टेंट लव’ की खतरनाक प्रवृत्ति को उजागर करता है। आजकल युवक-युवतियां बिना समझे, बिना परखे सिर्फ कुछ पोस्ट और चैट्स के आधार पर जीवनभर का फैसला कर रहे हैं।

😢 माँ-बाप की इज़्जत और उम्मीदें रह गईं पीछे

जिस बेटी की शिक्षा पर लाखों खर्च कर भविष्य संवारा जा रहा था, वह सिर्फ सोशल मीडिया पर बने एक रिश्ते के लिए सब कुछ छोड़ गई। मां-बाप की इज्जत, भरोसा और समाज में उनके मान-सम्मान को ताक पर रखकर वह चली गई उस युवक के साथ, जो न पढ़ाई में बराबरी रखता है, न सामाजिक स्तर में।